
जिले के रूप में गठन – 1963
क्षेत्रफल – 5503 वर्ग किलमीटर
जनसंख्या – 4,37,474 (2011 में)
{इतिहास}

• कुल्लू रियासत की स्थापना विहंग मणिपाल ने कि थी जो हरिद्वार से आए थे।
• विहंग मणिपाल ने रियासत की पहली राजधानी ( नास्त) जगतसुख स्थापित की।
• विसुधपाल ने करमचंद को हराकर कुल्लू की राजधानी जगतसुख से नगर बनाई ।
• राजा रूद्रपाल के समय स्पीति राजा राजेन्द्र सेन ने कुल्लू पर आक्रमण करके उसे नजराना देने के लिए विवश किया।
• पाल वंश के 72 वा राजा उदर्नपाल ने जगतसुख में संध्या देवी का मंदिर बनवाया।
{ पाल वंश का अंतिम शासक कैलाश पाल जो कि कुल्लू का अंतिम राजा था जिसके साथ पाल उपाधि का प्रयोग हुआ।}
[ सिंह बन्दानी वंश]
केलाशपाल के बाद 50 वर्षों के अधिकतर समय में कुल्लू सुकेत रियासत के अधीन रहा। वर्ष 1500 ई में सिद्ध सिंह ने सिंह बदानी वंश स्थापना की। जगतसुख को अपनी राजधानी बनाया।
{बहादुर सिंह 1532 ई}

• इनके राज्य की राजधानी उस समय नगर थी।
• बहादुर सिंह ने अपने पुत्र प्रताप सिंह का विवाह चंबा के राजा गणेश वर्मन की बेटी से करवाया।
{ जगत सिंह 1637-72 ई}
• जगत सिंह कुल्लू रियासत का सबसे शक्तिशाली राजा था।
• जगत सिंह ने लग बजीरी और बाहरी सिराज पर कब्ज़ा किया।
• जगत सिंह 1640 ई में दाराशिकोह के विरूद्ध विद्रोह किया।
• राजा जगत सिंह ने ट्टिपरी के ब्राह्मण की आत्महत्या दोष से मुक्त होने के लिए जगत सिंह ने दामोदर दास से रघुनाथ जी की प्रतिमा अयोध्या से मंगवाकर स्थपित कर राज पाठ उन्हें सौंप दिया।
{मानसिंह 1688-1702 ई}
• कुल्लू के राजा मानसिंह ने मंडी पर आक्रमण कर गुम्मा तथा द्रंग नमक की खानों पर 1700 ई में कब्ज़ा कर लिया।
• उन्होंने भंगाल क्षेत्र में कबजा किया।
• लाहौल – स्पीति को अपने अधीन कर तिबत की सीमा लिगंटी नदी के साथ निर्धारित की।
• उनके शासनकाल में कुल्लू रियासत का क्षेत्रफल 10,000 वर्ग मील हो गया ।
[कुल्लू रियासत से सम्बन्धित कुछ और महत्पूर्ण पहलू]

✓ कुल्लू पर पहला सिक्ख आक्रमण कारी दीवान मोहकम चन्द था।
✓ राजा अजीत सिंह के समय 1820 ई में विलियम मूरक्राफ्ट ने कुल्लू की यात्रा की थी।
✓ राजा अजीत सिंह को सिक्ख सम्राट शेर सिंह ने कुल्लू से खदेड़ दिया।
✓ कुल्लू रियासत 1840 ई से 1846 ई तक सिखों के अधीन रही।
✓ प्रथम सिक्ख युद्ध 9 मार्च , 1846 ई को कुल्लू रियासत अंग्रेज़ो के अधीन आ गई।
{मेले और मंदिर}

✓ कुल्लू के ढालपुर मैदान में दशहरा के दिन रघुनाथ जी की यात्रा निकाली जाती है।
✓ कुल्लू दशहरा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का त्योहार जो कि सात दिनों तक चलता है।

✓ निरमंड कुल्लू में बूढ़ी दीवाली मनाई जाती है।
✓ देवी हिडिंबा कि याद में डूंगरी मेला मनाया जाता है।
{मंदिर}

✓ यह मंदिर कुल्लू मनाली में स्थित है जिसे कुल्लू के राजा बहादुर सिंह ने 1553 ई में बनवाया था।
✓ कुल्लू राजवंश की कुल देवी भगवती हिडिंबा माना जाता है।

✓ निरमंड को कुल्लू का छोटा काशी कहते है।

यह मंदिर कुल्लू के ब्जोरा में स्थित है।
{कृषि और पशपालन}

✓ सब्जी अनुसंधान केन्द्र कट-रैन में स्थित है।
✓ मनाली में ए.टी. बैनान ने 1864 ई में ब्रिटिश किस्म के सेब लगाए।


पार्वती जल विद्युत परियोजना- इस परियोजना में तीन विद्युत गृह है । ( नकथाप , सैंज , लारजी)
• पार्वती परियोजना- 2051mw
• मलाणा परियोजना- 86mw
• लारजी परियोजना- 126mw
{परीक्षाओं से सम्बन्धित कुल्लू राज्य से कुछ महत्वपूर्ण बिंदु}
• मनाली कुल्लू का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। मनाली का नाम मनाली ऋषी मनु के नाम पर पड़ा।
• पर्वतारोहण संस्थान मनाली में है जिसकी स्थापना 1961 ई मे की है।
• अर्जुन गुफा कुल्लू के भनारा गांव में स्थित है।
• मणिकर्ण जहा गर्म पानी का चश्मा है।
• कुल्लू नगर में रोरीक कला संग्रहालय है।
• मलाना गांव कुल्लू में स्थित है जहा विश्व का सबसे पुराना लोकतंत्र हैं। जामलु देवता यहां साशन करते है।
• तिर्थन में ग्रेट हिमालयन राष्ट्रीय पार्क है।
• कुल्लुत्त देश कहानी पुस्तक लाल चंद प्रार्थी ने लिखी। इन्होंने 1942 ई के भारत छोड़ो आन्दोलन में भाग लिया था।